sarvanam ke bhed , sarvanam ke kitne bhed hote hain ,(सर्वनाम के भेद/ प्रकार – उदाहरण सहित ।) – awgrammar

 sarvanam ke bhed , sarvanam ke kitne bhed hote hain (सर्वनाम के भेद/प्रकार उदाहरण सहित।):

परिचय( introduction)-जैसा की आप जानते हैं की संज्ञा के बदले में जिस शब्द का प्रयोग करते हैं वह शब्द सर्वनाम कहलाते हैं । यदि आप सर्वनाम के बारे में अच्छी तरह से जान चुके हैं तो इनके भेदों को समझने में कोइ दिक्क्त नहीं होगी । इनके भेदों के हर रूप में संज्ञा तो जरूर आते हैं लेकिन हम उन संज्ञा के स्थान पर दूसरा शब्द का प्रयोग करते हैं यही सर्वनाम की वास्तविकता भी हैं और हर जगह यही गुण दर्शाते हैं और दूसरी बात जब आप हिंदी व्याकरण में सर्वनाम को पढ़ते हैं तथा अंग्रेजी व्याकरण के सर्वनाम को पढ़ते हैं तो दोनों में थोड़ा भिन्नता आ जाती हैं ऐसा इसलिए होता हैं क्योंकि दोनों का प्रयोग एवं आधार अलग  हैं भले ही सामान अर्थ प्रदान करता हो , यह जानकारी हिंदी व्याकरण के लिए हैं। 

 

 

 

sarvanam ke kitne bhed hote hain

सर्वनाम के कितने भेद हैं :

आप समझ चुके हैं की किसी के नाम या संज्ञा के जगह पर जो शब्द आता हैं वह सर्वनाम कहा जाता हैं अब सर्वनाम के भेद के बारे में जानते हैं ।

हिंदी व्याकरण के अनुसार  सर्वनाम के 6 भेद होते हैं ।

1 . पुरूष वाचक सर्वनाम 

2 . निजवाचक सर्वनाम 

3 . निश्चय वाचक सर्वनाम 

4 . अनिश्चय वाचक सर्वनाम 

5 . प्रश्न वाचक सर्वनाम 

6 . सम्बन्ध वाचक सर्वनाम 

 

व्याख्या – 

1 . पुरूष वाचक सर्वनाम – पुरुषवाचक सर्वनाम वह सर्वनाम होता है जिससे किसी पुरुष के बारे में कुछ कहा जाए , जिनके अंतर्गत तीनों पुरूष (प्रथम पुरुष ,माध्यम ,अन्य पुरूष) आते हैं इस प्रकार हम कह सकते हैं कि प्रथम पुरुष , माध्यम तथा अन्य पुरूष को पुरुष वाचक सर्वनाम कहा जाता हैं ।

जैसे ‘मैं’ पुरूष वाचक सर्वनाम हैं ।

 

इसे वाक्य द्वारा समझते हैं- मैं पढता हूँ, इसमें ‘मैं’ पुरुष वाचक सर्वनाम हैं अर्थात  मैं नाम का कोइ व्यक्ति हैं जो एक संज्ञा हैं क्योंकि उसका कोइ तो नाम होगा और उस नाम के स्थान पर मैं  का प्रयोग किया गया हैं , जैसे कि मेरा नाम श्याम हैं और यदि कहु कि ‘मैं पढता हूँ’ तो सुनने वाले कहेंगें कि श्याम पढता हैं लेकिन श्याम के जगह पर मैं का प्रयोग किया हूँ इसी प्रकार तुम , आप , यह , वे , वह  पुरुष वाचक सर्वनाम हैं लेकिन हमें यहाँ पर नहीं उलझना हैं आगे उनके भेद को समझते हैं बाकी हर बात समझ में आ जायेंगें ।
पुरूष वाचक सर्वनाम के तीन भेद होते हैं ।
`
(i) प्रथम पुरूष या उत्तम पुरूष ।
(ii) मध्यम पुरूष ।
(iii) अन्य पुरूष ।
(i) बोलने वाले को उत्तम पुरूष कहा जाता हैं ।
जैसे– मैं, हम ।
मैं घर जाता हूँ यह एक वचन के सर्वनाम हैं तथा हमलोग घर जाते हैं यह बहुवचन के सर्वनाम हैं , अतः मैं हम या हमलोग प्रथम पुरूष हैं ।
(ii) सुनने वाले को मध्यम पुरूष कहा जाता हैं  ।
जैसे- तू ,  तुम , आप ।
वाक्य द्वारा समझते हैं – तुम पढ़ते हो । 
तुम गाते हो ।
तू नहीं बोलता हैं ।
आप क्या करते हो , इनके दोनों वचन समान होते हैं ज्यादा अंतर देखने को नहीं मिलते हैं ।
(iii) जिसके बारे में कुछ कहा जाए वह अन्य पुरूष कहा जाता हैं ।
जैसे– वह, यह , वे , वे लोग । इसका एक वचन वह , यह या अन्य कोइ संज्ञा हो सकता हैं लेकिन  इनका बहुवचन रूप ‘वे लोग’ हैं ।
 
हम तीनों पुरूष  का निचोड़ समझते हैं , जिसे हम एक वाक्य के द्वारा समझते हैं – 
जैसे – रमेश गणेश से कहता हैं की राधा एक अच्छी लड़की हैं । अब आप इस वाक्य में देख सकते हैं की बोलने वाला रमेश हैं जो उत्तम पुरूष हैं दूसरा सुनने वाला गणेश हैं , जो मध्यम पुरूष हैं और राधा के बारे में कहा जाता हैं इसलिए राधा अन्य पुरूष हैं  , राधा के बदले में वह का भी प्रयोग कर सकते हैं जैसे की वह अच्छी लड़की हैं। 

2 . निजवाचक सर्वनाम –जिससे निजता या स्वंग का बोध हो उसे निजवाचक सर्वनाम कहा जाता हैं ।

जैसे – जैसे- खुद , निजी , स्वंग आदि ।

मैं स्वंग काम करूँगा ।

यह मेरा कलम हैं ।

हम अपने आप कर लेंगें ।

तुम खुद अपना काम कर सकते हो ।

यह हमारी निजी मामला हैं ।

 

 

3 . निश्चय वाचक सर्वनाम –जिससे निश्चितता का बोध हो  वह निश्चय वाचक सर्वनाम कहा जाता हैं अर्थात जिससे किसी निश्चित व्यक्ति , वस्तु का बोध हो तो वह निश्चय वाचक सर्वनाम कहा जाता हैं , इसे संकेत वाचक सर्वनाम भी कहा जाता हैं ।

जैसे –  यह , वह , ये , वे , आप ।

यह एक कलम हैं ।

यह कुर्सी हैं ।

वह एक लड़का हैं ।

ये पतंग हैं ।

वे जाते हैं , इत्यादि ।

 

 

 

4 . अनिश्चय वाचक सर्वनाम-जिससे अनिश्चिता का बोध हो वह अनिश्चय वाचक सर्वनाम कहा जाता हैं ।

जैसे – कोइ बुला रहा हैं ।

कोइ आने वाला हैं ।

कोइ आया था । 

हमारे पास कुछ हैं ।

कई लोग अमीर बनना चाहता हैं 

किसी ने कहा था ।

सभी लोग आ गए ।

इन वाक्यों में आये शब्द कोइ , कई , किसी , सभी अनिश्चय वाचक सर्वनाम हैं इससे कोइ बात निश्चित नहीं हैं । 

 

 

5 . प्रश्न वाचक सर्वनाम – जिस सर्वनाम का प्रयोग कोइ प्रश्न पूछने में किया जाता हो वह प्रश्नवाचक सर्वनाम कहा जाता हैं ।

जैसे – क्या , कौन , कैसे , क्यों ।

क्या वह खाना खाया हैं ।

वह कौन हैं ।

तुम कैसे अपना काम करते हैं।

आप क्यों नहीं पढ़ते । 

यह किताब किसकी हैं ।

क्या तुम खाना खाना चाहते हो , आदि ।

 

 

6 . सम्बन्ध वाचक सर्वनाम-जिस सर्वनाम से कोइ सम्बन्ध स्थापित हो तो वह सम्बन्ध वाचक सर्वनाम कहा जाता हैं ।

जैसे –   जिसका , जो की , जो , सो ( यह सर्वनाम किसी वाक्यों में सम्बन्ध स्थापित करते हैं ।

जो सोता हैं वह खोता हैं । इसमें जो और खोना सम्बन्ध वाचक सर्वनाम हैं ।

जिसका किताब हैं वही पढ़ेगा । 

 

 

sarvanam ke bhed

 

 

सर्वनाम और करक एवं वचनों के बिच का सम्बन्ध  :

जैसा की आप जानते हैं की कारण आठ होते हैं तथा सर्वनाम छः हैं और साथ में यह भी जानना जरूरी हैं की हिंदी व्याकरण के अनुसार वचन दो होते हैं (i) एक वचन (ii) बहुवचन , अतः इन्ही सब के आधार पर इन सबों में सबंध स्थापित करते हैं ।

 

 

1 पुरूष वाचक सर्वनाम – उत्तम पुरूष  ‘मैं’ शब्द के लिए ।

कारकएक वचन बहुवचन 
कर्ता कारक
मैं, मैंने
हम, हमने
कर्म कारक
मुझे, मुझकोहमें, हमको
करण कारकमुझसे, मेरे द्वाराहमसे, हमारे द्वारा
सम्प्रदान कारकमुझको, मेरे लिएहमको, हमारे लिए
अपादान कारकमुझसेहमसे
सम्बन्ध कारकमेरा, मेरी, मेरेहमारा, हमारी , हमारे
अधिकरण कारकमुझमें, मुझपर 
हममें, हमपर
मध्यम पुरूष  तुम / तू  शब्द के लिए :
कारक एक वचनबहुवचन 
कर्ता कारकतू, तूने
तुम, तुमने
कर्म कारकतुझे, तुझकोतुम्हें, तुमको
करण कारकतेरे द्वारातुम्हारे द्वारा
सम्प्रदान कारकतेरे लिएतुम्हारे लिए
अपादान कारकतुझसेतुमसे
सम्बन्ध कारकतेरा, तेरीतुम्हारा तुम्हारे ।
अधिकरण कारकतुझमें तुझपर
अन्य पुरूष – वह के लिए 
कारक एक वचनबहुवचन 
कर्ता कारकवह , उसनेवे उन्होंने 
कर्म कारकउसे, उसको उनको 
करण कारकउसके द्वारा उनके द्वारा 
सम्प्रदान कारकउसको, उसे, उसके लिए
अपादान कारकउससेउनसे 
सम्बन्ध कारकउसका , उसकी उनका , उनकी 
अधिकरण कारकउसमें ,उसपर  उनमें, उनपर ।
sarvanam ke bhed
2 निश्चय वाचक सर्वनाम –  ‘यह’ शब्द ।
कारक एक वचन बहुवचन 
कर्ता कारक यह , इसने ये इन्होनें 
कर्म कारक इसको , इसेइनको , इन्हें 
करण कारक इससे , इसके द्वारा इनसे , इनके द्वारा 
सम्प्रदान कारक इसको , इसके लिए इनको , इनके लिए 
अपादान कारक इससे इनसे 
सम्बन्ध कारक इसका , इसके , इनकी इनका , इनके , इनकी 
अधिकरण कारक इसमें , इसपर इनमें , इनपर 
3 अनिश्चय वाचक सर्वनाम – ‘कोइ’  शब्द ।
कारक एक वचन बहुवचन 
कर्ता कारक कोइ , किसी ने कोइ , किन्ही ने 
कर्म कारक किसी को किन्ही को 
करण कारक किसी से किन्ही से 
सम्प्रदान कारक किसी के लिए किन्ही के लिए 
अपादान कारक किसी से किन्ही से 
सम्बन्ध कारक किसी का किन्ही का 
अधिकरण कारक किसी में , किसी पर किन्ही में ,किसी पर 
4 सम्बन्ध वाचक सर्वनाम के लिए – 
कारक एक वचन बहुवचन 
कर्ता कारक  जिसने जिन्होंने 
कर्म कारक जिसको जिनको 
कारण कारक जिससे जिनसे 
सम्प्रदान कारक जिसको , के लिए   जिनको , के लिए 
अपादान कारक जिससे जिनसे 
सम्बन्ध कारक जिसका  जिसके , जिसकी जिनका , जिनके , जिनकी 
अधिकरण कारक किसमें , किसपर किनमें , किनपर 

 

 

sarvanam ke bhed

 

 

5 प्रश्न वाचक सर्वनाम के लिए – कौन शब्द :

कारक एक वचन  बहुवचन 
कर्ता कारक कौन , किसने कौन , किन्होंने 
कर्म कारक किसको , किसे किनको , किन्हें 
करण कारक किससेकिनसे 
सम्प्रदान कारक किसके लिए , किसको, किसे  किनके लिए , किनको , किन्हें 
अपादान कारक किससे किनसे 
सम्बन्ध कारक किसका , किसकी , किसके किनका , किनकी 
अधिकरण कारक किसमें , किसपर किनमें , किनपर 

 

(Note –  सर्वनाम में सम्बोधन  नहीं होता हैं । और छठा सर्वनाम निजवाचक ‘स्वंग मैंने’ पुरूषवाचक सर्वनाम की तरह होता हैं ।)

 

निष्कर्ष – यह जानकारिया सर्वनाम के भेद के सम्बंधित थे , जो  दी गई जानकारियां आपके लिए बहुत महत्पूर्ण होंगें , दूसरी बात यह हैं कि किसी भी विषयों की जानकारिया प्राप्त करने के लिए उनके सम्बंधित उसके आप-पास के कुछ बातों को अच्छी तरह अध्ययन कर लेना चाहिए होता हैं , कहने का मतलब हैं की सर्वनाम के भेद को जानने से पहले सर्वनाम के बारे में पहले अच्छी तरह से पढ़ लेना चाहिए तभी आगे की बातों को समझने में कठिनाई नहीं होगी , वैसे भी किसी विषय को एक बार में नहीं समझ सकते हैं अभ्यास करते रहना पड़ता हैं , हम उम्मीद करते हैं की दी गई जानकारिया आपके लिए महत्पूर्ण होगी ।

 

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हिंदी वर्णमाला क्या हैं ।

संज्ञा क्या हैं ।

 

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